शुभ व अशुभ समय

आज का राहु काल और चौघड़िया

अपने शहर के लिए आज का राहु काल, गुलिक काल, यमगण्ड और पूरे दिन-रात का चौघड़िया जानें — शुरू करने से पहले शुभ व अशुभ समय जानें।

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राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त — सरल मार्गदर्शिका

वैदिक परंपरा में समय ही सब कुछ है। यात्रा शुरू करने, सौदा करने या पूजा करने से पहले लोग देखते हैं कि क्षण शुभ है या टालने योग्य। यह निःशुल्क टूल आपके शहर और तारीख के लिए राहु काल, गुलिक काल, यमगण्ड और पूरे दिन-रात का चौघड़िया गणना करता है।

राहु काल की गणना कैसे होती है

सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय आठ समान भागों में बाँटा जाता है। वार के अनुसार एक विशेष भाग पर राहु का स्वामित्व होता है। चूँकि आपका स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त स्थान व ऋतु के अनुसार बदलता है, राहु काल का समय भी प्रतिदिन बदलता है।

चौघड़िया तालिका पढ़ना

अमृत, शुभ और लाभ सर्वाधिक अनुकूल हैं; चर सामान्य व यात्रा के लिए अच्छा है; जबकि उद्वेग, रोग और काल टालने योग्य हैं। हरे, पीले व लाल बैज एक नज़र में पहचान आसान बनाते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहु काल क्या है?+

राहु काल प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का वह समय है जिसे नए या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने के लिए अशुभ माना जाता है। यह दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के आठ समान भागों में से एक है, और कौन-सा भाग राहु काल होगा यह वार पर निर्भर करता है।

राहु काल प्रतिदिन क्यों बदलता है?+

सूर्योदय से सूर्यास्त तक का समय आठ समान भागों में बँटता है। प्रत्येक वार को राहु काल अलग भाग में पड़ता है, इसलिए इसका समय वार और आपके स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त के अनुसार बदलता है।

चौघड़िया क्या है?+

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ मुहूर्तों में बाँटता है — अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, रोग और काल। अमृत, शुभ व लाभ शुभ हैं; चर सामान्य है; उद्वेग, रोग व काल महत्वपूर्ण कार्यों के लिए टालने योग्य हैं।

गुलिक काल और यमगण्ड क्या हैं?+

राहु काल की तरह ये भी दिन के निश्चित भाग हैं। यमगण्ड नए कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, जबकि गुलिक काल सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

क्या ये समय मेरे शहर के लिए सटीक हैं?+

हाँ — ये समय आपके शहर के सटीक सूर्योदय व सूर्यास्त से निकाले जाते हैं। ऊपर अपना स्थान चुनें या पता लगाएँ, या दैनिक मुहूर्त सूचनाओं के लिए निःशुल्क आराधना ऐप डाउनलोड करें।