विवाह विलंब कैलकुलेटर — क्या आपका विवाह विलंबित होगा?
वैदिक ज्योतिष में विवाह का समय मुख्यतः सप्तम भाव (विवाह व जीवनसाथी का भाव), उसके स्वामी और नैसर्गिक कारकों — पुरुष हेतु शुक्र व स्त्री हेतु गुरु — से देखा जाता है। कुछ ग्रह स्थितियाँ विवाह को सामान्य से देर कर सकती हैं।
मुख्य विलंब कारक
- मांगलिक / मंगल दोष — मंगल 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में।
- शनि सप्तम भाव में या उस पर दृष्टि — शनि विलंब करता है, फिर स्थिरता देता है।
- सप्तम भाव में राहु या केतु।
- पीड़ित सप्तमेश या कमजोर विवाह कारक।
यह निःशुल्क टूल आपकी कुंडली में इन योगों की जाँच करता है और सुझाए गए उपायों सहित सांकेतिक विवाह-आयु देता है।
आराधना पर और गहराई से
विंशोत्तरी दशा व गोचर आधारित सटीक समय तथा गुरुजी सेवा से व्यक्तिगत उपायों हेतु निःशुल्क आराधना ऐप उपयोग करें। हमारी निःशुल्क जन्म कुंडली व कुंडली मिलान भी देखें।


